दबिश से अदालत तक, वन्यजीव अपराधों पर कार्रवाई की सीखी बारीकियां

फील्ड एक्सरसाइज में घटनास्थल की जांच और साक्ष्य जुटाने का अभ्यास, मूट कोर्ट में समझी न्यायिक प्रक्रिया

कानपुर नगर, 22 अगस्त 2026।

वानिकी प्रशिक्षण संस्थान, कानपुर नगर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के समन्वय से आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण के दूसरे दिन अधिकारियों को वन्यजीव अपराध के मामलों में दबिश, घटनास्थल की छानबीन, साक्ष्य संकलन और गिरफ्तारी से लेकर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने तक की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

प्रथम सत्र में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के निरीक्षक ने दबिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, घटनास्थल को सुरक्षित रखने तथा स्थलीय छानबीन के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों की केस स्टडी भी प्रस्तुत की गई। इनके माध्यम से प्रतिभागियों को जांच के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और कार्रवाई के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

दूसरे सत्र में प्रतिभागियों की अलग-अलग टीमें बनाकर वन्यजीव अपराध की काल्पनिक घटना का प्रदर्शन किया गया। टीमों ने घटनास्थल की जांच, साक्ष्य जुटाने और आगे की कानूनी कार्रवाई का अभ्यास किया। इसके बाद प्रतिभागियों से फर्द बरामदगी, गिरफ्तारी मेमो तथा मुकदमा पंजीकरण से संबंधित अभिलेख तैयार कराए गए।

मूट कोर्ट के माध्यम से अधिकारियों को न्यायालय की कार्यवाही का भी व्यावहारिक अनुभव दिया गया। इसमें प्रश्नोत्तर, साक्ष्यों की प्रस्तुति और न्यायिक वाद-विवाद का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने जांच के दौरान साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप अभिलेख तैयार करने के महत्व की जानकारी दी।

समापन समारोह में प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के उपनिदेशक नायर विष्णुराज एवं प्रभागीय निदेशक, कानपुर नगर आकांक्षा जैन ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। प्रभागीय निदेशक ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले विशेषज्ञों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Related posts

Leave a Comment